Dev Kumar(🎂01January1930-⚰️17 September1990)
देव कुमार का जन्म 1930 में हुआ था। देव कुमार एक अभिनेता और लेखक थे, जो Namak Halaal (1982), Mukti (1977) और Apradhi (1974) के लिए मशहूर थे। उनकी मृत्यु 17 सितंबर 1990 को हुई थी।
🎂01जनवरी1930 · Bombay, Bombay
Presidency, British India
⚰️मृत्यु17 सितंबर 1990 · Bombay [now Mumbai], Maharashtra, भारत
उनके तीन बच्चे हैं जो हमारे जीवन में सभी सफल हैं। पहली संतान मनीषा की शादी दक्ष शेट्टी से हुई है। दूसरी बच्ची दिव्या का एक सफल व्यवसाय है। और तीसरे बच्चे रजनी की भी शादी हो चुकी है, उसकी शादी संजीव राजाध्याक्ष से हुई है और उनका एक बच्चा है जो अब 15 साल का उमा राजाध्याक्ष है। रजनी और संजीव दोनों पशु चिकित्सक हैं, उन दोनों का खार में स्मॉल एनिमल क्लिनिक नामक एक क्लिनिक है।
अपने करियर के लिए उनका नाम चमन लाल कोहली से बदलकर देव कुमार कर दिया।
जीवनी
देव कुमार का जन्म 1930 में बॉम्बे, बॉम्बे प्रेसीडेंसी, ब्रिटिश भारत में हुआ था। वह एक अभिनेता और लेखक थे, जिन्हें नमक हलाल (1982), मुक्ति (1977) और अपराध (1974) के लिए जाना जाता है। 17 सितंबर, 1990 को बॉम्बे [अब मुंबई], महाराष्ट्र, भारत में उनका निधन हो गया।
देव का जन्म 1928 में दामेली जिले के गाँव में हुआ था। झेलम (अब पाकिस्तान में है)।
अभिनेता बनने से पहले सेना, पुलिस बल और सीमा शुल्क एंटी स्मगलिंग में काम किया।
आज उनके पोते (पहली शादी से) की उसी जगह पर एक मेडिकल शॉप है (ऑप खन्ना सिनेमा)।
उनकी पहली पत्नी पहाड़गंज दिल्ली (खन्ना सिनेमा के सामने) रहती थी।
देव कुमार (01 जनवरी 1930 - 17 सितंबर 1990)
असली नाम चमन लाल कोहली
एक अभिनेता थे, जिन्हें फरिश्ता (1968), स्पाई इन रोम (1968) और नमक हलाल (1982) के लिए जाना जाता था। देव कुमार को अर्जुन, धरम वीर और खून पसीना जैसी फिल्मों में उनकी भूमिकाओं के लिए भी जाना जाता है। उन्होंने फिल्म "नमक हलाल" में एक सीन में अमिताभ बच्चन को भी पीछे छोड़ दिया था। सुरेश सरवैया द्वारा संकलित
देव कुमार का जन्म 01 जनवरी 1930 को पेशावर, अविभाजित भारत, अब पाकिस्तान में, एक हिंदू पंजाबी परिवार में हुआ था। उनका असली नाम चमन लाल कोहली है, वे दिलीप कुमार और देव आनंद के बहुत बड़े प्रशंसक थे और उन्होंने अपना नाम देव कुमार रखा। उनके पिता श्री राम कोहली एक किसान थे। उनकी माँ लालदेई गृहिणी थीं। उनके दो भाई और दो बहनें हैं। उनकी 12वीं तक की शिक्षा उर्दू में हुई। बंटवारे के बाद उनका परिवार दिल्ली आ गया। उन्होंने दिल्ली में ही स्नातक की उपाधि प्राप्त की। बचपन से ही उन्हें कविता लिखने का शौक था, उन्हें अभिनय में भी रुचि थी। लेकिन पिता की वजह से उन्हें दूसरी नौकरियाँ करनी पड़ीं। फिल्मी दुनिया में आने से पहले वे फौजी थे, फिर पुलिस विभाग में भर्ती हुए, उसके बाद कस्टमर एंटी स्मगलिंग विभाग में काम किया। वे कवि भी थे और "फलक देहलवी" नाम से कविताएँ लिखते थे। वे नाटक लेखक भी थे। वे दिल्ली में नुक्कड़ नाटक भी चलाते थे। निर्देशक सत्येन बोस ने चमन लाल कोहली (देव कुमार) को देखा और उन्हें दिल्ली से बॉम्बे ले गए और माला सिन्हा और इंद्राणी मुखर्जी के साथ फिल्म 'मेरे लाल' (1966) में मुख्य भूमिका दी। 1971 तक उन्होंने कई हिंदी फिल्मों में मुख्य कलाकार के तौर पर काम किया। वर्ष 1971 में वे बॉम्बे (बॉलीवुड) छोड़कर हॉलीवुड में शामिल होने के लिए अमेरिका चले गए। 1972 में वे भारत लौट आए। उस समय उनके पास गुज़ारा करने के लिए पैसे नहीं थे, तब शम्मी कपूर ने उनकी मदद की और उन्हें अपनी फ़िल्म "मनोरंजन" में खलनायक के तौर पर साइन किया।
देव कुमार ने एयर होस्टेज नम्रता से शादी की। उनकी 3 बेटियाँ हैं, जो सभी जीवन में सफल हैं। पहली संतान मनीषा की शादी दक्ष शेट्टी से हुई है। मनीषा मिस इंडिया रह चुकी हैं। दूसरी संतान दिव्या का सफल व्यवसाय है। और तीसरी संतान रजनी की भी शादी हो चुकी है, उसकी शादी संजीव राजाध्यक्ष से हुई है और उनकी एक संतान उमा राजाध्यक्ष है। रजनी और संजीव दोनों ही पशु चिकित्सक हैं, दोनों का एक क्लीनिक है जिसका नाम स्मॉल एनिमल क्लीनिक है जो खार, मुंबई में है। सुरेश सरवैया द्वारा संकलित
देव कुमार की मृत्यु 17 सितंबर 1990 को मुंबई, महाराष्ट्र में दिल का दौरा पड़ने से हुई।
🎧 अभिनेता देव कुमार से जुड़े गाने
- ● पायल की झंकार रस्ते... मेरे लाल (1966) लता मंगेशकर द्वारा - लक्ष्मीकांत प्यारेलाल - मजरूह सुल्तानपुरी
● नाज़ था जैसा मेरे सीने में वो दिल ही नहीं... फरेब (1968) मुकेश द्वारा , उषा खन्ना - उषा खन्ना - असद भोपाली
● तुम जहां हो वहां, क्या ये मौसम... रोड टू सिक्किम (1969) मुकेश - जलाल मलीहाबादी
● पी जाओ जी जाओ ना जित अपनी ना हार अपनी... शैतान मुजरिम (1980) ) - मुकेश द्वारा - रतनदीप हेमराज - कैफ़ी आज़मी
● देखी तेरी दुनिया अरे...फ़रिश्ता (1968) मुकेश द्वारा - दत्ताराम वाडकर - असद भोपाली
● ये दुनिया तो है बस पैसे की... दो ठग (1975) आशा भोंसले द्वारा - कल्याणजी आनंदजी - राजिंदर कृष्ण
● धागागिना तिनक धिन, जब तक ये संसार नाचाए... मेरे लाल (1966) मुकेश द्वारा, उषा मंगेशकर - लक्ष्मीकांत प्यारेलाल - मजरूह सुल्तानपुरी,
🎬 देव कुमार की फिल्मोग्राफी
1996 औरत औरत औरत
1994 रखवाले
1991 जीवन दाता,
1990 नंबरी आदमी, फरिश्ते, मां कसम बदला लूंगा हातिमताई
1989 आसमान से ऊंचा, मेरी जुबान गलियों का बादशाह, प्यासे नैन एलान-ए-जंग, सात लड़कियां आवारा जिंदगी, तेरे बिना क्या जीना बंदूक दहेज के सीने पर
1988 आखिरी मुकाबला, अंजाम खुदा जेन गंगा जमुना सरस्वती
1987 खजाना, फकीर बादशाह, शेर शिवाजी जवाब हम देंगे, मददगार
1986 सिंहासन, इंतेकाम की आग देवर भाभी, कृष्णा कृष्णा
1985 चार महारथी, नया सफर काली बस्ती, बॉन्ड 303, अर्जुन
1984 कैदी, राज तिलक, तेरी बाहों में , मेरी अदालत,
1983 हम से ना जीता कोई, जानी दोस्त पंचवीं मंजिल, फर्ज की कीमत
1982 हथकड़ी, कच्चे हीरे, नमक हलाल, दो उस्ताद
1981 अरमान, दहशत, दौलत, दो शत्रु कालिया, कन्हैया, लव स्टोरी, नसीब संत ज्ञानेश्वर, चलता पुरजा गंगा मांग रही बलिदान
1980 बेरहम, प्यारा दुश्मन यारी दुश्मनी
1979 नया बकारा
1978 फांसी, परमात्मा
1977 चाचा भतीजा, हत्यारा, कालाबाज खेल खिलाड़ी का, खून पसीना नामी चोर, धरम वीर, दो शोले, परवरिश, मस्तान दादा, मुक्ति, जय विजय
1976 अलीबाबा, नहले पे दहला, हेरा फेरी शराफत छोड़ दी मैंने
1975 अपना दुश्मन, दो ठग और खेल खेल में, साजिश डाकू शमशेर सिंह
1974 अमर शहीद भगत सिंह, अपराधी मनोरंजन, दो शेर, कोरा बदन
1972 अच्छा बुरा, डबल क्रॉस एक खिलाड़ी बावन पत्ते, ललकार
1971 बलिदान
1970 दगाबाज , मुजरिम, ट्रक ड्राइवर वीर अमर सिंह राठौड़ नाइट इन कोलकाता, पत्नी सस्ता खून महंगा प्यार
1969 बैंक डकैती, रात के अंधेरे रोड टू सिक्किम, शिमला रोड और नई जिंदगी 1968 एक फूल एक भूल, फरेब, फरिश्ता स्पाई इन रोम
1967 घर का चिराग
1966 मेरे लाल
1965 शाही रक़सा, शंकर सीता अनसूया
1964 संत ज्ञानेश्वर, संकलनकर्ता
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