इश्मीत सिंह सोढ़ी
🎂02 सितम्बर 1988
लुधियाना, पंजाब, भारत
⚰️29 जुलाई 2008 (उम्र 19)
छाया द्वीप धोंवेली, मालदीव
पार्श्व गायन, भारतीय शास्त्रीय संगीत
पेशा
गायक
इश्मित सिंह भारत के सबसे प्रतिभाशाली नवोदित गायकों में से एक थे। स्टार प्लस के रियलिटी शो वॉयस ऑफ इंडिया के वर्ष 2007 के विजेता गायक लुधियाना के इश्मित सिंह 24 नवंबर 2007 को लखनऊ के हर्षित सक्सेना को हराकर हिंदुस्तान की आवाज बने थे। वे इस प्रतियोगिता में विजयी होने के बाद महज 18 साल की उम्र में अपनी दिलकश आवाज के जरिए लाखों दिलों की धड़कन बन गए थे। स्वर कोकिला लता मंगेशकर ने इश्मित को स्वयं अपने हाथों से विजेता का खिताब सौंपा था।
इश्मीत का पहला एल्बम 'सतगुर तुमेरे काज सवार' नाम का एक धार्मिक गुरबानी था । Star Voice Of India में इश्मीत सिंगर अभिजीत और अल्का याग्निक के फेवरेट थे। सिंह ने गुरुनानक पब्लिक स्कूल, सराभा नगर, लुधियाना से अपनी स्कूलिंग की। स्नातक की डिग्री लेने के बाद वो मुंबई में एम.एन.सी कॉलेज से पढ़ाई कर रहे थे ।
इश्मीत ने अपनी मां से वादा किया था कि वो सीए लेवल की पढ़ाई पूरी करेंगे । इश्मीत को गायकी की शिक्षा अपने परिवार से मिली थी । 17 साल की उम्र में उन्होंने शो में हिस्सा लिया था । उनके गाने का स्टाइल शान से मिलता-जुलता था । इश्मीत बहुत शांत स्वभाव के थे । ये शो जीतने के बाद इश्मीत का सिंगिंग करियर अच्छा चल रहा था । लेकिन किस्मत को शायद कुछ और ही मंजूर था ।
शो जीतने के एक साल बाद ही उनका निधन हो गया । इश्मीत एक परफॉर्मेंस के सिलसिले में मालदीव गए थे। यहां उनके प्रोग्राम से दो दिन पहले स्विमिंग पूल में उनकी लाश मिली थी। सवाल उठने लगे कि आखिर इश्मीत की मौत कैसे हुई । हालांकि पुलिस का कहना था कि इश्मीत पूल में नहाने के लिए उतरे थे । जहां उनके सिर पर चोट लगी और वो डूब गए । इश्मीत को स्विमिंग नहीं आती थी ।
इश्मीत के पैरेंट्स ने पुलिस से छानबीन करने की मांग की थी । उनका कहना था हो सकता है जब वो डूब रहा हो तो लोग तमाशा देख रहे हों, या इवेंट मैनेजमेंट कंपनी ठीक से ईवेंट ऑर्गनाइज ना कर पाई हो । पंजाब सरकार ने पुलिस को छानबीन के आदेश भी दिए थे । बाद में हॉस्पिटल ने बताया था कि इश्मीत के माथे पर कट का निशान था ।
बिग म्यूज़िक ने इश्मीत सिंह को श्रद्धांजलि देते हुए दो एल्बम जारी किए, जिनमें से दोनों में उनके निधन से पहले रिकॉर्ड किए गए गाने शामिल हैं। पहले एल्बम का नाम मूल मंतर है, और इसमें सिखों के पवित्र ग्रंथ गुरु ग्रंथ साहिब का पहला भजन शामिल है ।
दूसरे एल्बम, जिसका शीर्षक वी विल मिस यू है , में लगभग छह ट्रैक हैं, जिनमें लोकप्रिय गीत शुक्रिया भी शामिल है :
वी विल मिस यू को सीडी और डीवीडी दोनों पर जारी किया गया है, और इसे दुनिया भर में वितरित किया गया है।
आईएसएफ के बैनर तले प्रिंसिपल सुखवंत सिंह और इश्मीत के पिता गुरपिंदर सिंह ने फाउंडेशन का संदेश फैलाने के लिए मलेशिया की यात्रा की। वे उसी होटल (सिट्रस होटल) के उसी कमरे में रुके, जहां इश्मीत अपनी मलेशिया यात्रा के दौरान रुके थे । उन्होंने टिटिवांगसा और पेटलिंग जया गुरुद्वारे में कीर्तन गाया, जहां पिछले साल इश्मीत ने उसी मंच पर कीर्तन किया था।
2010 में सिंह की याद में लुधियाना में इश्मीत सिंह संगीत संस्थान की स्थापना की गई ।
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