#04sep #28sep
चरित्र अभिनेता चंद्र शेखर दूबे उर्फ सी एस दुबे
🎂जन्म: 04 सितंबर 1924, कन्नौड
⚰️मृत्यु 28 सितंबर 1993
शिक्षा: नेशनल हाई विद्यालय
(विशेष —: परिचय दुबे भारत छोड़ो आंदोलन में सक्रिय थे जिसके लिए उन्हें जेल में डाल दिया गया था। फिर वह एक अभिनेता के रूप में काम करने के लिए बंबई चले गए। उन्हें एक सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में भी जाना जाता था जो गरीब छात्रों को उनकी शिक्षा के लिए भुगतान करने में मदद करते थे।)
1942 का साल था, दूसरी जंग-ए-अज़ीम के शोलों से, दुनिया जल रही थी और हिन्दुस्तान में क्रिप्स मिशन नाकामयाब हो चुका था, लगभग सभी बड़े नेता जेलों में बंद कर दिए गए थे और “भारत छोड़ो” के नारे से हर गली गूंज रही थी| ऐसा कहा जा सकता है कि तारीख़ के हर पन्ने पर कभी न मिटने वाले अफ़साने लिखे जा रहे थे| कुछ लोग इन अफ़साना बन चुकी बातों को अपने सामने देख रहे थे| ऐसे ही एक शख़्स थे, चन्द्रशेखर दूबे, जो मध्य प्रदेश के देवास ज़िले में, न केवल ये सब होता देख रहे थे बल्कि भारत छोड़ो आंदोलन में अपनी हाज़िरी भी दर्ज़ करा रहे थे| नतीजतन, इन्हें भी गिरफ़तार कर लिया गया|
4 सितंबर 1924 में पैदा हुए चन्द्रशेखर दूबे, 18 साल की उम्र में देश के लिए, जेल गए| वहाँ से रिहा होते ही, ये सीधा मुंबई चले गए और वहाँ एक्टिंग के काम की खोज के साथ समाज सेवा भी करने लगे|
“ये पढ़ाई लिखाई का महत्व जानते थे इसलिए पढ़ाई करने वाले नौजवानों की मदद भी करते थे| मुंबई में कुछ ही सालों बाद इन्होंने अमीय चक्रवर्ती के यहाँ, बतौर असिस्टेंट नौकरी कर ली| अमीय चक्रवर्ती बहुत बड़े निर्माता, निर्देशक थे| दूबे इनके साथ ही फ़िल्में बनाने के काम को सीखने लगे.”
1953 में आई फ़िल्म, “पतिता” में अमीय चक्रवर्ती ने इन्हें एक छोटा सा रोल दिया और यहीं से इनका सफ़र शुरू हो गया| इस फ़िल्म में इनका रोल बहुत छोटा था, लेकिन इन्होंने अपनी पहचान बना ली थी| 1955 में आई “मि०&मिसेज़ 55” में इन्हें महान गुरुदत्त ने मौक़ा दिया और इसके बाद इन्होंने लगातार काम करते हुए, लगभग 200 फ़िल्मों में काम किया|
एक फ़िल्म के दृश्य में संजीव कुमार और अन्य कलाकारों के साथ बतौर मुनीम, चंद्रशेखर दुबे
इनके किरदार ज़्यादातर मुनीम, साहुकार जैसे लालच से भरे इंसान के हुआ करते थे और निगेटिव शेड्स के होते थे| देश के तमाम बड़े अभिनेताओं और निर्देशकों के साथ इन्होंने काम किया और इनके द्वारा की गई फ़िल्मों की फ़ेहरिस्त बहुत लंबी है|
चन्द्रशेखर दूबे जी ने अभी फ़िल्मों के लिए काम शुरू ही किया था कि हमारे देश में, 1957 में, “विविध भारती सेवा” की शुरूआत हुई और इसका मोटो रखा गया, “देश की सुरीली धड़कन”, जो आगे के सालों में सच भी साबित हुआ| इसी विविध भारती पर एक कार्यक्रम बहुत मशहूर हुआ, “हवा महल”, जिसमें नाटककारों के नाटकों को डायलॉग के माध्यम से रेडियो पर ही प्रस्तुत किया जाता था| इसमें कई सालों तक, कई नाटकों में इनकी आवाज़ गूंजती रही| एक और मशहूर रेडियो कार्यक्रम, “फ़ौजी भाईयों” में भी इनकी आवाज़ का जादू बहुत दिनों तक चला|
चन्द्रशेखर दूबे हमेशा ही एक चरित्र अभिनेता रहे और इनका स्क्रीन प्रेज़ेस भी इतना असरदार होता था कि ये दर्शकों को याद रह जाते थे| इनके ज़िंदा रहते इनकी आख़िरी फ़िल्म थी, 1993 में आई, “दलाल”, इसी साल 28 तारीख सितंबर के महीने में, 69 साल की उम्र में वे गुज़र गए|
चन्द्रशेखर दूबे को मुनीम या साहुकार के अलावा, उनके अपने नाम से भी जाना जाए और याद किया जाता रहे, यही दुआ है|
फ़िल्म वर्ष
यार मेरी जिंदगी 2008
हत्या: 2004
गैर 1999
शेयर बाज़ार 1997
सरहद: द बॉर्डर ऑफ़ क्राइम 1995
आतंक ही आतंक 1995
स्टंटमैन1994
ईना मीना डीका 1994
शुरुआत 1993
दलाल1993
धरतीपुत्र1993
अंतिम न्याय 1993
नसीबवाला 1992
नरसिम्हा 1991
इरादा 1991
विद्रोही 1990
करिश्मा काली का 1990
आग का गोला1990
घर हो तो ऐसा 1990
सैलाब 1990
जीवन एक संघर्श 1990
उस्ताद 1989
डेव पेच 1989
निशाने बाजी1989
बड़े घर की बेटी 1989
तूफ़ान 1989
जादूगर1989
गलियों का बादशाह 1989
क्लर्क 1989
औरत तेरी यही कहानी 1988
जीते हैं शान से1988
ज़लज़ला 1988
एक नया रिश्ता 1988
ज़ख्मी औरत 1988
सूरमा भोपाली 1988
हम फरिश्ते नहीं1988
आक्रांत 1988
रात के अँधेरे में 1987
डाकू हसीना1987
मार्टे डैम तक 1987
बेसहारा1987
कुदरत का कानून 1987
ठिकाना1987
कलयुग और रामायण 1987
नज़राना1987
राज दुलारा 1987
माँ बेटी 1986
अँधेरी रात में दिया तेरे हाथ में 1986
सवेरे वाली गाड़ी1986
घर संसार 1986
कर्म 1986
किरायदार1986
काला ढांडा गोरे लोग 1986
आप के साथ 1986
पिया मिलन1985
एक चिट्ठी प्यार भरी 1985
हकीकत 1985
फाँसी 1985
घर द्वार 1985
मर्द 1985
राम तेरी गंगा मैली 1985
जिंदगी जीने के लिए 1984
एक नया इतिहास 1984
ये देश1984
गृहस्थी 1984
कानून क्या करेगा1984
प्रेम विवाह1984
करिश्मा 1984
राम की गंगा 1984
गंगवा 1984
एक नई पहेली1984
शराबी 1984
भीमा 1984
मकसद1984
इंकलाब1984
निशान 1983
फ़राइब 1983
हम से है जमाना1983
मंजू 1983
कुली 1983
पेंटर बाबू 1983
तक़दीर 1983
कालका 1983 फ़िल्म
तेरी मांग सितारों से भर दूं 1982
धरम कांटा 1982
तीसरी आंख1982
अपना बना लो1982
अंगूर 1982
शीतला माता1981
फिफ्टी फिफ्टी 1981
श्रद्धांजलि 1981
खुदा कसम 1981
हक़दार1981
रॉकी 1981
क्रोधी 1981
बुलुंडी 1981
मान अभिमान1980
पतिता 1980
पायल की झंकार 1980
बिन माँ के बच्चे 1980
हम पांच 1980
बे-रेहम1980
दो प्रेमी 1980
नागिन और सुहागन 1979
मेरी बीवी की शादी1979
सलाम मेमसाब 1979
नैय्या1979
घर की लाज 1979
सांच को आंच नहीं 1979
मंजिल 1979
बिन फेरे हम तेरे1979
त्याग पत्र 1978
चोर हो तो ऐसा1978
दामाद 1978
राहु केतु 1978
राम कसम 1978
घर 1978
काला आदमी1978
चक्रव्यूह 1978
मैं तुलसी तेरे आँगन की 1978
आज़ाद1978
शिरडी के साईं बाबा1977
आनंद आश्रम1977
टिंकू 1977
ड्रीम गर्ल 1977
खेल खिलाड़ी का1977
इम्मान धरम 1977
लगाम 1976
तपस्या 1976
चितचोर1976
दस नंबरी1976
छोटी सी बात 1976
एक गाँव की कहानी1975
जिंदा दिल 1975
सन्यासी 1975
मौसम1975
आँधी1975
धोखा 1974
रोटी कपड़ा और मकान1974
इम्तिहान1974
मेरे ग़रीब नवाज़ 1973
सौदागर 1973
बनारसी बाबू 1973
एक खिलाड़ी बावन पत्ते 1972
राजा जानी1972
समाधि1972
राखी और हथकड़ी1972
शादी के बाद 1972
बाबुल की गलियाँ1972
अपना देश 1972
संजोग 1972
पिया का घर1972
लगन 1971
मैं सुंदर हूं 1971
बिखरे मोती1971
समाज को बदल डालो कालीचरण1970
पगला कहीं का 1970
पहचान 1970
हमजोली 1970
यादगार 1970
तुम हसीन मैं जवान1970
खिलोना 1970
दो भाई 1969
जीने की राह 1969
प्रिंस डांसर1969
आराधना 1969
झुक गया आसमान1968
सपनों का सौदागर 1968
तीसरी कसम1966
गबन 1966
आये दिन बहार के 1966
गोस्वामी तुलसिदास1964
बिदेसिया 1963
बिन बादल बरसात1963
आरती 1962
हमारी याद आएगी1961
पासपोर्ट 1961
रामू दादा 1961
अर्धांगिनी 1959
हरिया 1958
देख कबीरा रोय1957
भाभी 1957
अब दिल्ली दूर नहीं1957
कथ पुतली1957
जलदीप1956
सीमा1955
पहली झलक1955)
डॉक्टर1955
पतिता1953
दाग 1952
सुनहरे दिन
"हम मस्त 1949
🎂जन्म: 04 सितंबर 1924, कन्नौड
⚰️मृत्यु 28 सितंबर 1993
शिक्षा: नेशनल हाई विद्यालय
(विशेष —: परिचय दुबे भारत छोड़ो आंदोलन में सक्रिय थे जिसके लिए उन्हें जेल में डाल दिया गया था। फिर वह एक अभिनेता के रूप में काम करने के लिए बंबई चले गए। उन्हें एक सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में भी जाना जाता था जो गरीब छात्रों को उनकी शिक्षा के लिए भुगतान करने में मदद करते थे।)
1942 का साल था, दूसरी जंग-ए-अज़ीम के शोलों से, दुनिया जल रही थी और हिन्दुस्तान में क्रिप्स मिशन नाकामयाब हो चुका था, लगभग सभी बड़े नेता जेलों में बंद कर दिए गए थे और “भारत छोड़ो” के नारे से हर गली गूंज रही थी| ऐसा कहा जा सकता है कि तारीख़ के हर पन्ने पर कभी न मिटने वाले अफ़साने लिखे जा रहे थे| कुछ लोग इन अफ़साना बन चुकी बातों को अपने सामने देख रहे थे| ऐसे ही एक शख़्स थे, चन्द्रशेखर दूबे, जो मध्य प्रदेश के देवास ज़िले में, न केवल ये सब होता देख रहे थे बल्कि भारत छोड़ो आंदोलन में अपनी हाज़िरी भी दर्ज़ करा रहे थे| नतीजतन, इन्हें भी गिरफ़तार कर लिया गया|
4 सितंबर 1924 में पैदा हुए चन्द्रशेखर दूबे, 18 साल की उम्र में देश के लिए, जेल गए| वहाँ से रिहा होते ही, ये सीधा मुंबई चले गए और वहाँ एक्टिंग के काम की खोज के साथ समाज सेवा भी करने लगे|
“ये पढ़ाई लिखाई का महत्व जानते थे इसलिए पढ़ाई करने वाले नौजवानों की मदद भी करते थे| मुंबई में कुछ ही सालों बाद इन्होंने अमीय चक्रवर्ती के यहाँ, बतौर असिस्टेंट नौकरी कर ली| अमीय चक्रवर्ती बहुत बड़े निर्माता, निर्देशक थे| दूबे इनके साथ ही फ़िल्में बनाने के काम को सीखने लगे.”
1953 में आई फ़िल्म, “पतिता” में अमीय चक्रवर्ती ने इन्हें एक छोटा सा रोल दिया और यहीं से इनका सफ़र शुरू हो गया| इस फ़िल्म में इनका रोल बहुत छोटा था, लेकिन इन्होंने अपनी पहचान बना ली थी| 1955 में आई “मि०&मिसेज़ 55” में इन्हें महान गुरुदत्त ने मौक़ा दिया और इसके बाद इन्होंने लगातार काम करते हुए, लगभग 200 फ़िल्मों में काम किया|
एक फ़िल्म के दृश्य में संजीव कुमार और अन्य कलाकारों के साथ बतौर मुनीम, चंद्रशेखर दुबे
इनके किरदार ज़्यादातर मुनीम, साहुकार जैसे लालच से भरे इंसान के हुआ करते थे और निगेटिव शेड्स के होते थे| देश के तमाम बड़े अभिनेताओं और निर्देशकों के साथ इन्होंने काम किया और इनके द्वारा की गई फ़िल्मों की फ़ेहरिस्त बहुत लंबी है|
चन्द्रशेखर दूबे जी ने अभी फ़िल्मों के लिए काम शुरू ही किया था कि हमारे देश में, 1957 में, “विविध भारती सेवा” की शुरूआत हुई और इसका मोटो रखा गया, “देश की सुरीली धड़कन”, जो आगे के सालों में सच भी साबित हुआ| इसी विविध भारती पर एक कार्यक्रम बहुत मशहूर हुआ, “हवा महल”, जिसमें नाटककारों के नाटकों को डायलॉग के माध्यम से रेडियो पर ही प्रस्तुत किया जाता था| इसमें कई सालों तक, कई नाटकों में इनकी आवाज़ गूंजती रही| एक और मशहूर रेडियो कार्यक्रम, “फ़ौजी भाईयों” में भी इनकी आवाज़ का जादू बहुत दिनों तक चला|
चन्द्रशेखर दूबे हमेशा ही एक चरित्र अभिनेता रहे और इनका स्क्रीन प्रेज़ेस भी इतना असरदार होता था कि ये दर्शकों को याद रह जाते थे| इनके ज़िंदा रहते इनकी आख़िरी फ़िल्म थी, 1993 में आई, “दलाल”, इसी साल 28 तारीख सितंबर के महीने में, 69 साल की उम्र में वे गुज़र गए|
चन्द्रशेखर दूबे को मुनीम या साहुकार के अलावा, उनके अपने नाम से भी जाना जाए और याद किया जाता रहे, यही दुआ है|
फ़िल्म वर्ष
यार मेरी जिंदगी 2008
हत्या: 2004
गैर 1999
शेयर बाज़ार 1997
सरहद: द बॉर्डर ऑफ़ क्राइम 1995
आतंक ही आतंक 1995
स्टंटमैन1994
ईना मीना डीका 1994
शुरुआत 1993
दलाल1993
धरतीपुत्र1993
अंतिम न्याय 1993
नसीबवाला 1992
नरसिम्हा 1991
इरादा 1991
विद्रोही 1990
करिश्मा काली का 1990
आग का गोला1990
घर हो तो ऐसा 1990
सैलाब 1990
जीवन एक संघर्श 1990
उस्ताद 1989
डेव पेच 1989
निशाने बाजी1989
बड़े घर की बेटी 1989
तूफ़ान 1989
जादूगर1989
गलियों का बादशाह 1989
क्लर्क 1989
औरत तेरी यही कहानी 1988
जीते हैं शान से1988
ज़लज़ला 1988
एक नया रिश्ता 1988
ज़ख्मी औरत 1988
सूरमा भोपाली 1988
हम फरिश्ते नहीं1988
आक्रांत 1988
रात के अँधेरे में 1987
डाकू हसीना1987
मार्टे डैम तक 1987
बेसहारा1987
कुदरत का कानून 1987
ठिकाना1987
कलयुग और रामायण 1987
नज़राना1987
राज दुलारा 1987
माँ बेटी 1986
अँधेरी रात में दिया तेरे हाथ में 1986
सवेरे वाली गाड़ी1986
घर संसार 1986
कर्म 1986
किरायदार1986
काला ढांडा गोरे लोग 1986
आप के साथ 1986
पिया मिलन1985
एक चिट्ठी प्यार भरी 1985
हकीकत 1985
फाँसी 1985
घर द्वार 1985
मर्द 1985
राम तेरी गंगा मैली 1985
जिंदगी जीने के लिए 1984
एक नया इतिहास 1984
ये देश1984
गृहस्थी 1984
कानून क्या करेगा1984
प्रेम विवाह1984
करिश्मा 1984
राम की गंगा 1984
गंगवा 1984
एक नई पहेली1984
शराबी 1984
भीमा 1984
मकसद1984
इंकलाब1984
निशान 1983
फ़राइब 1983
हम से है जमाना1983
मंजू 1983
कुली 1983
पेंटर बाबू 1983
तक़दीर 1983
कालका 1983 फ़िल्म
तेरी मांग सितारों से भर दूं 1982
धरम कांटा 1982
तीसरी आंख1982
अपना बना लो1982
अंगूर 1982
शीतला माता1981
फिफ्टी फिफ्टी 1981
श्रद्धांजलि 1981
खुदा कसम 1981
हक़दार1981
रॉकी 1981
क्रोधी 1981
बुलुंडी 1981
मान अभिमान1980
पतिता 1980
पायल की झंकार 1980
बिन माँ के बच्चे 1980
हम पांच 1980
बे-रेहम1980
दो प्रेमी 1980
नागिन और सुहागन 1979
मेरी बीवी की शादी1979
सलाम मेमसाब 1979
नैय्या1979
घर की लाज 1979
सांच को आंच नहीं 1979
मंजिल 1979
बिन फेरे हम तेरे1979
त्याग पत्र 1978
चोर हो तो ऐसा1978
दामाद 1978
राहु केतु 1978
राम कसम 1978
घर 1978
काला आदमी1978
चक्रव्यूह 1978
मैं तुलसी तेरे आँगन की 1978
आज़ाद1978
शिरडी के साईं बाबा1977
आनंद आश्रम1977
टिंकू 1977
ड्रीम गर्ल 1977
खेल खिलाड़ी का1977
इम्मान धरम 1977
लगाम 1976
तपस्या 1976
चितचोर1976
दस नंबरी1976
छोटी सी बात 1976
एक गाँव की कहानी1975
जिंदा दिल 1975
सन्यासी 1975
मौसम1975
आँधी1975
धोखा 1974
रोटी कपड़ा और मकान1974
इम्तिहान1974
मेरे ग़रीब नवाज़ 1973
सौदागर 1973
बनारसी बाबू 1973
एक खिलाड़ी बावन पत्ते 1972
राजा जानी1972
समाधि1972
राखी और हथकड़ी1972
शादी के बाद 1972
बाबुल की गलियाँ1972
अपना देश 1972
संजोग 1972
पिया का घर1972
लगन 1971
मैं सुंदर हूं 1971
बिखरे मोती1971
समाज को बदल डालो कालीचरण1970
पगला कहीं का 1970
पहचान 1970
हमजोली 1970
यादगार 1970
तुम हसीन मैं जवान1970
खिलोना 1970
दो भाई 1969
जीने की राह 1969
प्रिंस डांसर1969
आराधना 1969
झुक गया आसमान1968
सपनों का सौदागर 1968
तीसरी कसम1966
गबन 1966
आये दिन बहार के 1966
गोस्वामी तुलसिदास1964
बिदेसिया 1963
बिन बादल बरसात1963
आरती 1962
हमारी याद आएगी1961
पासपोर्ट 1961
रामू दादा 1961
अर्धांगिनी 1959
हरिया 1958
देख कबीरा रोय1957
भाभी 1957
अब दिल्ली दूर नहीं1957
कथ पुतली1957
जलदीप1956
सीमा1955
पहली झलक1955)
डॉक्टर1955
पतिता1953
दाग 1952
सुनहरे दिन
"हम मस्त 1949
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